Tuesday, 20 May 2014

एग्जाम से पहले की ये रात


परीक्षाएं शुरू हो गयी है, परीक्षार्थियों को हालत गंभीर है, हर कोई चाहता है कि अच्छे नंबर लेकर पास हो लेकिन ये सब कुछ पेपर की एक रात पहले पर निर्भर करता है |
आखिर है क्या इस पेपर की एक रात पहले में ?
चारों और किताबे फैली हुई, आँखों में नींद ऊपर से सिलेबस कम्पलीट करने का भार, एक मन तो करता है कि सब कुछ छोड़ कर बस सो जाओ और जो होगा वो सुबह देखेंगे लेकिन मन नहीं मानता, जब सोने की कोशिस करते है तो नींद नहीं आती, फिर  किताबों में मन लगाओ, साथ ही मन में ये ख्याल आता है कि काश पहले पढ़ लिए होते |
कुछ लोग तो नींद न आये इसके लिए पहले से तैयारी करके रखते है अपने साथ चुटकी, सेंटर फ्रेश, सिगरेट, कोल्ड ड्रिंक्स आदि चीजों का प्रबंध रखते है| अधिकतर एक साथ कई परीक्षार्थी मिलकर पढ़ते है ताकि नींद न आये और फिर जब पढ़ते हुए थक जाओ या बोरियत महसूस हो तो फिर फेसबुक तो है ही | 2 - 2:30  बजे तक कुछ साथी तो लुढक ही जाते है, कुछ जो बिलकुल ही रात पर निर्भर होते है पूरी रात तक जाग लेते है |
ये विद्यार्थी भी किसी सिपाही से कम नहीं है, जिन्हे एक रात में ही जंग जितनी होती है | अद्भुत दृश्य और अनुभव, कभी न भूलेंगे विद्यार्थी जीवन |

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